S

Satish Kumar

When We live

When We live

जब हम जीते हैं — पुस्तक विवरण “जब हम जीते हैं” जीवन को समझने की नहीं, बल्कि उसे महसूस करने की एक छोटी-सी कोशिश है। हम अक्सर अपने भविष्य की चिंता में आज को भूल जाते हैं। कभी सही समय का इंतज़ार करते हैं, कभी सफलता का, कभी किसी खास व्यक्ति या परिस्थिति का। इसी इंतज़ार में जीवन के वे छोटे-छोटे पल पीछे छूट जाते हैं, जो वास्तव में हमारे जीवन का हिस्सा होते हैं। यह किताब उपस्थिति, धैर्य, भावनाओं, अकेलेपन, रिश्तों, असफलताओं, उम्मीद और स्वयं को समझने जैसे विषयों पर एक शांत चिंतन है। यह आपको कोई बड़ा उपदेश देने की कोशिश नहीं करती, बल्कि कुछ ऐसे सवालों के सामने बैठाती है जिनसे हम अक्सर भागते रहते हैं। क्या हम सच में जी रहे हैं, या सिर्फ जीवन के अगले पड़ाव का इंतज़ार कर रहे हैं? “जब हम जीते हैं” आपको याद दिलाती है कि जीवन हमेशा किसी बड़ी उपलब्धि में नहीं मिलता। कभी वह एक शांत सुबह में होता है, कभी किसी अपने की आवाज़ में, कभी असफल होकर फिर उठने में और कभी बस कुछ पल अपने साथ बिताने में। यह किताब उन लोगों के लिए है जो रुकना चाहते हैं, महसूस करना चाहते हैं और शायद पहली बार अपने जीवन को बाहर से नहीं, भीतर से देखना चाहते हैं। क्योंकि जीवन तब नहीं शुरू होता जब सब कुछ ठीक हो जाता है। जीवन तो अभी हो रहा है।

₹179
Buy Now

Subscribe to Satish Kumar

Sign up to get exclusive email updates directly from me.