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Aakhri local
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आख़िरी लोकल — Nitin
एक रात, एक लोकल ट्रेन और अठारह साल पुराना राज़...
कबीर, मेहर और एक रिटायरमेंट के करीब पहुँचा टीसी—तीनों की ज़िंदगियाँ एक ऐसी कहानी से जुड़ती हैं, जिसका सच वर्षों से छिपा हुआ है।
यह कहानी है अधूरे रिश्तों, पुराने पछतावे, दोस्ती और दूसरे मौके की। कभी-कभी किसी अजनबी से पूछा गया एक छोटा-सा सवाल पूरी ज़िंदगी बदल देता है।
📖 अपनी अधूरी कहानी से मिलने के लिए पढ़िए — आख़िरी लोकल।
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Nitin Mahar
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